
नौगढ़ में 53 साल पुरानी जमीन पर विवादः धान रोपाई शुरू होने पर किसानों और दूसरे पक्ष में तना
जमीन विवाद को लेकर बैठक।
चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में मंगलवार को 53 साल पुरानी जमीन पर कब्जे और खेती के अधिकार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जिस भूमि पर किसान दशकों से खेती करने का दावा कर रहे हैं, उसी खेत में दूसरे पक्ष द्वारा धान की रोपाई शुरू होने की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण भरदुआ मोड़ पर इकट्ठा हो गए।
किसानों का आरोप है कि मंगलवार को विस्थापित किसानों के कुछ लोगों ने विवादित जमीन में धान की रोपाई शुरू करा दी। इसकी जानकारी मिलते ही गांव में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर पहुंच गईं।
किसान रणधीर मिश्रा ने बताया कि उनके परिवार के पूर्वज करीब 53 वर्षों से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव की कुछ महिलाओं ने अन्य लोगों के साथ मिलकर खेत की जुताई कराकर धान की रोपाई शुरू कर दी, जिससे विवाद गहरा गया।
विवाद की सूचना पर तहसीलदार राहुल सिंह और क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान रणधीर मिश्रा, विस्थापित किसानों और भरदुआं गांव के ग्रामीणों से बात की। प्रशासन ने दोनों पक्षों को अपने-अपने कागजात के साथ पांच-पांच प्रतिनिधियों को थाना नौगढ़ परिसर में बुलाया।
एसडीएम राकेश कुमार वर्मा ने विस्थापित किसानों के कागजात देखे और फिलहाल दो दिनों के लिए खेती पर रोक लगा दी है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
इस भूमि को लेकर वन विभाग और किसानों के दावे आमने-सामने हैं। वन विभाग का कहना है कि संबंधित भूमि उनके अभिलेखों में दर्ज है और बिना अनुमति वहां खेती करना नियमों के विरुद्ध है। वहीं, किसानों का दावा है कि वे दशकों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं और उनकी बात सुने बिना किसी अन्य पक्ष को खेत में कब्जा या खेती की अनुमति देना उचित नहीं है।
प्रशासन ने कहा है कि भूमि विवाद की राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाएगी, ताकि कानून के अनुसार उचित निर्णय लिया जा सके।

